Tuesday, November 22, 2016

देश की जनता मोदी के साथ, बगलें झांक रहे कैप्टन व केजरीवाल’

देश की जनता मोदी के साथ, बगलें झांक रहे कैप्टन व केजरीवाल’

नोटबंदी को लेकर कैप्टन तथा केजरीवाल की पार्टियां मोदी जी की निंदा में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं, लेकिन देश की जनता मोदी जी के साथ खड़ी है। इसका साफ पता उन सभी सर्वेक्षणों से चल रहा है, जिनमें देश की 85 फीसदी जनता ने प्रधानमंत्री मोदी के नोटबंदी का समर्थन किया है। आम जनता को इसमें थोड़ी तकलीफ ज़रूर उठानी पड़ रही है, पर देश के उज्जवल भविष्य के लिए जनता इस तकलीफ को सहने के लिए भी तैयार हैं। जनता को इस बात का पक्का भरोसा है कि प्रधानमंत्री मोदी जो करेंगे देश हित में करेंगे और इससे आने वाला वक्त भारत का होगा।
साथियों, बचपन से लेकर अब तक मैंने सैंकड़ों दफे एक कहावत सुनी है। कहावत है कि ‘चोर चोर मौसेरे भाई’ होते हैं। इस कहावत का मतलब भी मैं बचपन से ही अच्छी तरह से जानता हूं लेकिन अब जाकर इस कहावत को हकीकत में ढलते हुए देख रहा हूं। अब जब देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने 500 तथा 1000 के नोटों को बंद करके काले धन तथा नकली नोटों के खिलाफ मुहिम का आगाज़ कर दिया है, तो ऐसे में वो दल जो कल तक मोदी जी से सवाल पूछा करते थे कि ‘काले धन के खिलाफ वो क्या कर रहे हैं’ वही दल अब एकजुट होकर इस नोटबंदी के खिलाफ हाहाकार मचाने लगे हैं। साथियों इस परिस्थिति के लिए भी मुझे एक कहावत याद आ रही है कि चोर की ही दाढ़ी में तिनका होता है। आज की स्थिति देखें तो क्या कांग्रेस, और क्या आम आदमी पार्टी, यहां तक कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, ये सभी विरोधी दल ताज़ा नोटबंदी को ग़लत साबित करने पर आमदा हो रहे हैं। आए दिन जनता की परेशानी का बहाना बनाकर ये विरोधी दल हल्ला मचा रहे हैं। जबकि देश की जनता ये अच्छी तरह से जानती है कि आज भले ही उन्हें अपने ही पैसे लेने के लिए या पुरानी करेंसी को नए में बदलवाने के लिए लाइनों में खड़े होना पड़ रहा है लेकिन इससे देश का भविष्य बेहतर होगा। यही वजह है कि जनता का एक बड़ा हिस्सा प्रधानमंत्री मोदीजी के साथ खड़ा है। जो लोग मौजूदा परिस्थिति में ज्यादा शोर मचा रहे हैं, शायद इनका काफी कुछ रद्दी में तब्दील हो गया है। आज सभी विरोधी दल मोदीजी की सही सोच के खिलाफ एकजुट होकर चीख रहे हैं। इन्हें देखता हूं तो मुझे बचपन से सुनी हुई यह कहावत सच होती दिख रही है कि चोर चोर मौसेरे भाई होते हैं। अमित शाह जी भी रविवार को जब पंजाब दौरे पर जालंधर आए थे, तब उन्होंने भी यह साफ कहा कि जैसे किसी शख्स को किसी बीमारी के इलाज के तहत सर्जरी करानी पड़ती है, फिर उसके बाद कुछ समय तक शरीर के उस विशेष अंग में या फिर पूरे शरीर को थोड़ी तकलीफ उठानी पड़ती है, लेकिन बाद में शरीर को लगी बीमारी भी खत्म हो जाती है। बीमारी व्यक्ति भी पहले से स्वस्थ हो जाता है। ठीक उसी तरह इस नोटबंदी से शुरूआती समय में हमें थोड़ा दर्द ज़रूर हो रहा है, पर यह सर्जरी देश की तंदरूस्ती के लिए ज़रूरी थी।
अमित शाह जी हाल में जब पंजाब पधारे तो वो यहां सभी धर्मों की एकजुटता को देखकर काफी प्रसन्न हुए। एक बात और कि किसी भी देश की तरक्की के लिए, या किसी भी प्रदेश के विकास के लिए एकजुट होकर चलना ज़रूरी होता है और इस एकजुटता का प्रमाण है हमारा गठबंधन। पंजाब में अलग-अलग धर्मों से संबंधित धार्मिक तथा सामाजिक विरासत को संभालने के लिए प्रदेश की गठबंधन सरकार ने जो यादगारें बनाई हैं अमित शाह जी को उनके बारे जानकर काफी प्रसन्नता हुई है। उन्हें जालंधर के जनसमूह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रति बढ़े जोश और उत्साह को देखकर भी काफी प्रसन्नता हुई है। लोगों में मोदीजी के प्रति विश्वास बढ़ गया है। हमनें देखा है कि किस तरह से केन्द्र तथा पंजाब सूबे में झूठ बोलने वालों ने, सिर्फ अपनी राजनीति रोटियां सेंकने के लिए हर हथकंडे अपनाए हैं, पर आज जनता चाहे धार्मिक स्तर हो या सामाजिक स्तर यहां तक कि आर्थिक स्तर पर भी जनता सकारात्मक सोच रखती है, तथा वह प्रदेश सरकार के कार्यों से भी वाकिफ हैं। आम जन नरेन्द्र मोदी जी की विशाल सोच के साथ भी खड़ी है।

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